"परोपदेशे पाण्डित्यं सर्वेषां सुकरं नृणाम् ।
धर्मे स्वीयमनुष्ठानं कस्यचित् तु महात्मनः ॥"
अर्थ: दूसरों को उपदेश देना (कि फ्रीडम ऑफ स्पीच क्या है) तो सभी मनुष्यों के लिए बहुत आसान है। लेकिन उस धर्म (निष्पक्षता) का स्वयं पालन करना, किसी विरले महात्मा का ही काम है।
धर्मे स्वीयमनुष्ठानं कस्यचित् तु महात्मनः ॥"
अर्थ: दूसरों को उपदेश देना (कि फ्रीडम ऑफ स्पीच क्या है) तो सभी मनुष्यों के लिए बहुत आसान है। लेकिन उस धर्म (निष्पक्षता) का स्वयं पालन करना, किसी विरले महात्मा का ही काम है।
"परोपदेशे पाण्डित्यं सर्वेषां सुकरं नृणाम् ।
धर्मे स्वीयमनुष्ठानं कस्यचित् तु महात्मनः ॥"
अर्थ: दूसरों को उपदेश देना (कि फ्रीडम ऑफ स्पीच क्या है) तो सभी मनुष्यों के लिए बहुत आसान है। लेकिन उस धर्म (निष्पक्षता) का स्वयं पालन करना, किसी विरले महात्मा का ही काम है।