लोकसंग्रह: ज्ञानी की 'दिव्य मजबूरी' (Compassionate Anchor):
जागृत व्यक्ति संसार को 'मिथ्या' जानकर भी उसे छोड़ता नहीं है। वह बुद्ध और कृष्ण की तरह, करुणावश (Compassion) सोए हुए लोगों को जगाने और राह दिखाने के लिए इस 'सर्कस' में रुका रहता है।

#SatireGuruji
लोकसंग्रह: ज्ञानी की 'दिव्य मजबूरी' (Compassionate Anchor): जागृत व्यक्ति संसार को 'मिथ्या' जानकर भी उसे छोड़ता नहीं है। वह बुद्ध और कृष्ण की तरह, करुणावश (Compassion) सोए हुए लोगों को जगाने और राह दिखाने के लिए इस 'सर्कस' में रुका रहता है। #SatireGuruji
Love
2
· 0 Comments ·0 Shares ·210 Views
Lukoon https://lukoon.com